क्रिप्टोकरेंसी का बाजार जितना तेजी से मुनाफा देता है, उतनी ही तेजी से पूंजी स्वाहा भी कर सकता है। यदि आप जोखिम को नियंत्रित करना सीख लें, तो डिजिटल एसेट्स में भी सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ा जा सकता है।
1. 1% से 5% का एलोकेशन फॉर्मूला
अपनी कुल संपत्ति का 5% से अधिक हिस्सा कभी भी हाई-रिस्क क्रिप्टो में न लगाएं। अगर बाजार 50% भी गिर जाए, तो आपके जीवन पर कोई वित्तीय संकट नहीं आएगा।
2. 80:20 का ब्लूचिप नियम
क्रिप्टो पोर्टफोलियो का 80% हिस्सा बिटकॉइन (BTC) और इथेरियम (ETH) जैसे साबित हो चुके प्रोजेक्ट्स में रखें, और केवल 20% नए प्रोजेक्ट्स में लगाएं।
3. 30% टैक्स और 1% TDS का नियम
भारत में क्रिप्टो प्रॉफिट पर फ्लैट 30% टैक्स और 1% TDS लागू है। घाटे को दूसरे मुनाफे से एडजस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए टैक्स गणना के बाद ही मुनाफा आंके।
Google Discover FAQ
प्र: क्या क्रिप्टो को हार्डवेयर वॉलेट में रखना जरूरी है?
उ: यदि आप लंबे समय के लिए होल्ड कर रहे हैं, तो एक्सचेंज रिस्क से बचने के लिए कोल्ड स्टोरेज वॉलेट सबसे सुरक्षित विकल्प है।