NSE IPO 2026 पूरी गाइड — ₹30,000 करोड़ का IPO, ₹5 लाख करोड़ वैल्यूएशन | LIC सबसे बड़े विक्रेता | निवेश करें या नहीं?

NSE IPO 2026 पूरी जानकारी: DRHP 17 जून 2026 को SEBI में दाखिल। भारत का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट IPO — ₹25,000-30,000 करोड़ का 100% OFS। LIC 10.72% सबसे बड़े विक्रेता। NSE वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़+। PAT ₹10,302 करोड़ (55% मार्जिन)। 92.99% कैश मार्केट हिस्सेदारी। IPO तारीख, कीमत, GMP, जोखिम और क्या निवेश करना चाहिए — पूरी गाइड।

💰 LIC ₹10 डिविडेंड रिकॉर्ड डेट कल 25 जून | Bajaj Auto ₹5,633Cr बायबैक आज | क्या खरीदें? | साप्ताहिक कॉर्पोरेट कैलेंडर 2026

LIC ₹10/शेयर डिविडेंड रिकॉर्ड डेट कल 25 जून 2026 (EX-डेट 26 जून)। Bajaj Auto ₹5,633 करोड़ बायबैक ₹12,000/शेयर पर — रिकॉर्ड डेट आज 24 जून। Asian Paints ₹23, HUL ₹27.50, Power Grid ₹7 इस हफ्ते। क्या LIC खरीदना चाहिए? डिविडेंड टैक्स, रणनीति और पूरा साप्ताहिक कॉर्पोरेट कैलेंडर।

🟢 शेयर बाज़ार आज — सेंसेक्स 777 अंक उछला, निफ्टी 24,003 | IT-Banking में तेज़ी | RBI ने रेट हाइक से किया इनकार | 24 जून 2026

24 जून 2026 को सेंसेक्स 777 अंक (+1.02%) उछलकर 76,978 और निफ्टी 179 अंक बढ़कर 24,003 पर बंद हुआ। Tech Mahindra +3.22%, Bajaj Finance +2.87%, IndusInd Bank +2.63%। RBI गवर्नर ने रेट हाइक से इनकार किया, NRI ऋण नीति से बैंकिंग सेक्टर में तेज़ी। कच्चा तेल $75-77। IRFC -5.4%, मॉनसून चिंता। पूरा बाज़ार विश्लेषण।

🔴 सेंसेक्स 893 अंक धराशायी, निफ्टी 23,824 बंद — IT मेटल में तबाही, कोस्पी सर्किट ब्रेकर, वेदांता -8% | 23 जून 2026

23 जून 2026 को सेंसेक्स 893 अंक (-1.16%) गिरकर 76,200 और निफ्टी 278 अंक गिरकर 23,824 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया KOSPI में 9% गिरावट से सर्किट ब्रेकर लगा। इन्फोसिस -3.4%, TCS -3.2%, वेदांता -8% (₹2,149 करोड़ ब्लॉक डील)। 2,678 शेयर गिरे। केवल फार्मा हरे में। पूरा विश्लेषण और कल का आउटलुक।

आज की 5 बड़ी बाजार खबरें: NSE IPO, HFCL ऑर्डर, Sensex रिकॉर्ड, रुपया मजबूत, RBI नीति — 19 जून 2026

आज भारतीय शेयर बाजार में 5 बड़ी खबरें: NSE का ₹30,000 करोड़ का ऐतिहासिक IPO, HFCL को ₹2,666 करोड़ का RVNL ऑर्डर, Sensex लगातार पांचवें दिन बढ़त, भारतीय रुपया 6 हफ्ते के उच्च स्तर पर, और RBI का NRI जमा पर ब्याज दर नीति बदलाव।

🏛️ केविन वार्श: फेड के नए बॉस की नीति क्या होगी? पॉवेल से कितने अलग?

केविन वार्श फेड के नए अध्यक्ष हैं। पॉवेल से कितने अलग होंगे? डॉट प्लॉट खत्म करेंगे? भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ेगा — जानें सब कुछ।

💰 महंगाई के दौर में पैसा कहां लगाएं? Gold, Stocks और Crypto में से बेस्ट विकल्प

अमेरिका में 4.2% मुद्रास्फीति और फेड की हॉकिश नीति के बीच भारत में अपना पैसा कैसे सुरक्षित करें? Gold ETF से क्रिप्टो तक — 5 बेहतरीन विकल्प।

₿ Bitcoin क्रैश: फेड के हॉकिश रुख से BTC $64,600 पर, क्या यह खरीदारी का मौका है?

फेड के हॉकिश फैसले के बाद Bitcoin $64,600 तक गिरा। क्रिप्टो मार्केट पर क्या असर? BTC का अगला टार्गेट और भारतीय निवेशकों के लिए रणनीति।

🏦 फेड का बड़ा फैसला: ब्याज दरें स्थिर, 2026 में बढ़ोतरी के संकेत | 18 जून 2026

फेडरल रिजर्व ने जून 2026 में ब्याज दरें 3.50%–3.75% पर स्थिर रखीं। नए चेयरमैन केविन वार्श की पहली बैठक में डॉट प्लॉट ने 2026 में दर वृद्धि के संकेत दिए।

भारतीय बाजार और क्रिप्टो अपडेट

भारतीय बाजार और क्रिप्टो अपडेट: stock-pickers market, RBI और Coinbase India Category: Indian Market & Crypto | Updated: 11 June 2026 भारतीय बाजार और क्रिप्टो […]

एशियाई बाजारों में गिरावट, Crude Oil $93: West Asia तनाव और Q4 नतीजे — 11 जून 2026

11 जून 2026 को एशियाई बाजारों में कमजोरी, Crude Oil $93/बैरल पर। West Asia तनाव, NBFC का शानदार Q4, Airtel को कोर्ट से राहत। जानिए ग्लोबल बाजार का पूरा हाल हिंदी में।

Equity MF Inflows में 40% गिरावट — FY27 Earnings पर Oil, AI और Geopolitics का खतरा

जून 2026 में Equity MF inflows एक साल के निचले स्तर पर आ गए — 40% की गिरावट। लेकिन DII ने 2026 की पहली छमाही में रिकॉर्ड ₹4.3 लाख करोड़ लगाए। जानिए FY27 earnings outlook और निवेशकों के लिए सलाह।

क्रिप्टो मार्केट अपडेट 11 जून 2026: Bitcoin ₹58.98 लाख, Ethereum ₹1.56 लाख — बाजार में डर का माहौल

11 जून 2026: Bitcoin $61,996 (₹58.98 लाख) और Ethereum $1,638 (₹1.56 लाख) पर कारोबार। XRP $1.11 पर -5%। US Fed नीति और Iran-Hormuz तनाव से बाजार दबाव में। Fear & Greed Index 49। पूरी जानकारी हिंदी में।

FII ने बेचे ₹2,125 करोड़, DII ने खरीदे ₹3,124 करोड़ — 11 जून 2026 का पूरा विश्लेषण

10 जून 2026 को FII ने ₹2,125 करोड़ बेचे जबकि DII ने ₹3,124 करोड़ की खरीदारी की। 2026 में पहली बार DII की हिस्सेदारी FII से अधिक हुई। जानिए इसका बाजार पर असर।