एशियाई बाजारों में गिरावट — पश्चिम एशिया तनाव और तेल ऊंचे
11 जून 2026 को एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखी गई। पश्चिम एशिया (West Asia / Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण crude oil की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका असर पूरे एशिया के बाजारों पर पड़ रहा है।
ग्लोबल बाजार — मुख्य संकेतक
| बाजार / आंकड़ा | स्थिति |
|---|---|
| Crude Oil (Brent) | ~$93/बैरल ▲ |
| USD/INR | ₹95.46 |
| Gold (22K) | ₹13,645/gm |
| Silver | ₹2,50,000/kg |
| Gift Nifty | 23,140 (-0.32%) |
West Asia Crisis का भारत पर असर
- भारत अपनी 85% से अधिक crude oil की जरूरत import से पूरी करता है
- $93/बैरल पर crude — petrol/diesel कीमतें दबाव में, inflation का खतरा
- Oil marketing companies (HPCL, BPCL, IOCL) के margins पर असर
- IT sector पर H-1B नियम और US slowdown का अतिरिक्त दबाव
Q4 नतीजे — NBFC और cyclicals शानदार
Q4 FY26 में NBFC (Non-Banking Financial Companies) और cyclical sectors ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। PSU companies और non-bank lenders की कमाई में मजबूत बढ़ोतरी देखी गई। यह घरेलू मांग और infrastructure spending का सकारात्मक असर है।
Airtel को बड़ी राहत
Bharti Airtel को बॉम्बे हाई कोर्ट ने DoT की ₹8,414 करोड़ की spectrum charges demand के खिलाफ राहत दी। इससे Airtel के शेयर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई।
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