नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान-अमेरिका सैन्य टकराव फिर तेज होने से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
भारत पर क्या असर?
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में उछाल सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर असर डाल सकता है। तेल कंपनियां फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं।
होर्मुज से गुजरने वाला जहाजी यातायात भी दो महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।