FII ने बेचा, DII ने खरीदा — बाजार कहाँ जाएगा?
भारतीय शेयर बाजार में 2026 में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है — पहली बार DII की हिस्सेदारी NSE-सूचीबद्ध कंपनियों में FII से अधिक हो गई है। जहाँ FPI की हिस्सेदारी घटकर करीब 15-16% रह गई है, वहीं DII की हिस्सेदारी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।
10 जून 2026 के FII/DII आंकड़े
| निवेशक | खरीद | बिक्री | नेट |
|---|---|---|---|
| FII / FPI | — | — | -₹2,125 करोड़ (बिकवाली) |
| DII | — | — | +₹3,124 करोड़ (खरीदारी) |
FII क्यों बेच रहे हैं?
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है
- US Fed की ब्याज दर नीति अनिश्चित बनी हुई है
- कच्चे तेल की कीमतें $93/बैरल पर — भारत के लिए महंगाई का खतरा
- FII Nifty फ्यूचर्स में 2.72 लाख कॉन्ट्रैक्ट की शॉर्ट पोजीशन — सतर्कता का संकेत
DII क्यों खरीद रहे हैं?
- SIP के जरिए हर महीने म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड पैसा आ रहा है
- 2026 की पहली छमाही में DII का कुल निवेश ₹4.3 लाख करोड़ — ऑल-टाइम हाई
- घरेलू निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था पर बरकरार
निष्कर्ष: जब तक DII की खरीदारी जारी रहेगी, बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। लेकिन FII की भारी बिकवाली ऊपरी रेंज को सीमित कर रही है।
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