19 जून 2026: वैश्विक जिंस बाज़ार में इस सप्ताह भूचाल आया। US-ईरान के बीच 17 जून को Versailles में MoU पर हस्ताक्षर हुए, जिसके बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य दोबारा खुलने का रास्ता साफ हुआ। इसका असर कच्चे तेल, सोने और पूरे कमोडिटी बाज़ार पर पड़ा।
लाइव कमोडिटी कीमतें (19 जून 2026)
| कमोडिटी | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| सोना (Gold Spot) | $4,263/oz | +0.2% (स्थिर) |
| Brent Crude | $77.96/bbl | ईरान डील से गिरा |
| WTI Crude | $74.96/bbl | तेज़ गिरावट |
| चांदी (Silver) | $69.42/oz | -0.9% |
| पेट्रोल (भारत) | ₹111.18/L | स्थिर |
सोना: दो विपरीत ताकतों के बीच
इस हफ़्ते सोने में दो बड़े विरोधी असर एक साथ हुए:
- 🟢 US-ईरान शांति डील से तेल गिरा → महंगाई का दबाव कम → Fed हाइक की संभावना घटी → सोने के लिए सकारात्मक।
- 🔴 Fed की हॉकिश भाषा — 9 अधिकारियों ने 2026 में दर वृद्धि का संकेत दिया → डॉलर मज़बूत → सोने पर दबाव।
नतीजा: सोना $4,263–$4,335 के दायरे में अटका हुआ है। अगली बड़ी चाल Fed के अगले बयान पर निर्भर करेगी।
तेल बाज़ार: होर्मुज़ खुला, कीमतें गिरीं
ट्रंप ने 17 जून को Versailles में ईरान के साथ 60-दिन का अंतरिम समझौता साइन किया। इसके तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य जल्द खुलेगा, जो दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% संभालता है। Brent $78 के नीचे — तीन महीने का निचला स्तर।
भारत के लिए क्या मायने?
भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरा करता है। कच्चे तेल की कीमतें $75 के नीचे आने पर भारत का व्यापार घाटा कम होगा, रुपया मज़बूत होगा और RBI को दर कटौती की गुंजाइश मिल सकती है।
📢 अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है। कमोडिटी में निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।