भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि फिलहाल ब्याज दर बढ़ाने पर विचार करना जल्दबाजी होगी। इस संकेत से शेयर बाजार को राहत मिली और बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी बढ़ी।
RBI की नई नीति: विदेशी मुद्रा जमा पर कर्ज
RBI ने बैंकों को अनुमति दी है कि वे विदेशी मुद्रा जमा (FCNR-B और NRE) के बदले ऋण दे सकते हैं। इससे:
- बैंकों को अतिरिक्त लिक्विडिटी मिलेगी
- NRI निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा
- SBI, ICICI Bank, HDFC Bank जैसे बड़े बैंकों को सबसे ज़्यादा फायदा
ICICI Bank को मिली बड़ी मंजूरी
नियामक ने ICICI Bank को अपनी बीमा सहायक कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी दी। यह ICICI के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीमा और बैंकिंग का एकीकरण ग्राहकों को एक छत के नीचे सेवाएं देगा।
LIC में बड़ा बदलाव
जीवन बीमा निगम (LIC) के CFO 14 जुलाई को इस्तीफा देंगे। LIC भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है और इस बदलाव पर बाजार की नजर रहेगी।
Jubilant Pharmova को US FDA की मंजूरी
Jubilant Pharmova की सहायक कंपनी को ~$2 अरब के बाजार आकार वाली एसिड रिफ्लक्स दवा के लिए US FDA की मंजूरी मिली। यह भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए बड़ी खबर है।
निष्कर्ष: RBI की नरम नीति और कॉर्पोरेट घटनाक्रम मिलकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहे हैं। बैंकिंग और फार्मा पर नज़र रखें।